LS55 'मोक्ष-दर्शन' का शब्दकोश Moksh - Darshan ka Shabdakosh ( ' सत्संग - योग ' के चौथे भाग का शब्दकोश )

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मोक्ष-दर्शन' का शब्दकोश

      मोक्ष - दर्शन का शब्दकोश ' नाम्नी प्रस्तुत पुस्तक में ' मोक्ष - दर्शन ' पुस्तक के गद्यात्मक वचनों में आये शब्दों के अर्थ लिखे गये हैं और कोष्ठकों में शब्दों के व्याकरणिक परिचय भी देने का प्रयास किया गया है । धर्मप्रेमियों के लिए यह पुस्तक बड़ी ही उपादेय है ।
मोक्ष - दर्शन ' का शब्दकोश

सत्संग - योग ' के चौथे भाग का शब्दकोश 

     ' सत्संग - योग ' संतमत सत्संग का प्रतिनिधि ग्रन्थ है । संतमत के प्रातःकालीन सत्संग में इस ग्रन्थ से पाठ होता है और पाठ पर महात्माओं के व्याख्यान भी होते हैं । यह ग्रन्थ पूज्यपाद सद्गुरु महर्षि मँहीँ परमहंसजी महाराज के द्वारा संपादित तथा लिखित है । एक ही जिल्द में इसके चार भाग हैं । प्रथम भाग में ऋषियों और भगवन्तों की वाणियाँ संकलित हैं । दूसरे भाग में भारती भाषा के संतों की मुख्यतया पद्यात्मक वाणियाँ उद्धृत की गयी हैं । तीसरे भाग में विद्वानों एवं महात्माओं के गद्यात्मक वचन स्थान पाते हैं । चौथे भाग में सद्गुरुजी महाराज ने स्वानुभूत गद्यात्मक एवं पद्यात्मक वचन लिखे हैं । चौथा भाग ' संत्ग योग ' से अलग करके भी छापा गया है और उसका नाम रखा गया है ' मोक्ष - दर्शन ' । धर्मप्रेमियों के लिए यह पुस्तक बड़ी ही उपादेय है । आइए इस पुस्तक के बारे में जानकारी के लिए 👉 यहाँ दवाएं.

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