LS47, Anokhi suktiyan, sangrah in hindi for students, vichar, pushpanjali, shlok, ratnavali, sanskrit.

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इसमें 1206 सूक्तियों का संकलन किया गया है । ये सूक्तियाँ शुच्याचार , शिष्टाचार , सामाजिक व्यवहार , नीति , मनोविज्ञान , सत्य नियम , अध्यात्म - जान , मोक्ष - धर्म आदि विषयों से संबंध रखती हैं ।

Descriptions








सत्य पर किसी एक व्यक्ति का अधिकार नहीं होता , जो सत्य एक व्यक्ति को अनुभूत हो सकता है , वह दूसरे को भी अनुभूत हो सकता है । पुस्तक में जो व्यवहार्य बातें आयी हैं , मेरा दावा नहीं है कि मैं उन्हें तत्परता के साथ अपने जीवन में उतार लिया करता हूँ । हाँ , मैं उन्हें उतारने का यथासंभव प्रयास अवश्य कर रहा हूँ ।

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 पस्तक की वाणियाँ विषयबद्ध करके संकलित नहीं की गयी हैं । प्रत्येक दो पृष्ठों के ऊपर जो शीर्षक दिया गया है , वह यों ही - केवल पुस्तक की सुन्दरता बढ़ाने के लिए दे दिया गया है । मैंने यह पुस्तक इसलिए छपवायी कि यह भविष्य में मेरा और इसे पढ़नेवाले अन्य ममक्ष जनों का भी मार्ग - प्रदर्शन कर सके ।

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